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इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के चलते आय दिन साइबर अटैक और ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाएं देखने को मिलती रहती हैं। साथ ही हैकर्स फर्जी ई-मेल, मैसेज या फिर वेबसाइट्स का सहारा लेकर लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। इसके अलावा मार्केट में कई फेक एप्स मौजूद हैं, जिनके जरिए लोगों को लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा हैं। वही दूसरी तरफ भारत सरकार और टेक कंपनियों ने लोगों को साइबर ठगों से बचाने के लिए कई कड़े कदम उठाएं हैं। आज हम आपको फेक ई-मेल और साइट्स की पहचान करने के तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं…

नाम पर भूलकर भी ना करें भरोसा

अगर आपको कोई भी ई-मेल करता है, तो उसके नाम पर पूरी तरह से भरोसा ना करें। कई बार हैकर्स आपको जानने वाले नाम से भी फर्जी मेल करते है, जिसको ओपन कर देते हैं। हम आपको सलाह देंगे कि सबसे पहले ई-मेल की जांच जरुर करें।
स्पेलिंग की गलती

आपको सबसे पहले ई-मेल में लिखे टेक्स्ट को जरूर पढ़ना चाहिए, क्योंकि फेक मेल में ग्रामर और स्पेलिंग की गलती होती है। तो ऐसे में मेल के टेक्स्ट को पूरे ध्यान के साथ पढ़ें।

यूआरएल की गलती

फर्जी वेबसाइट समेत ई-मेल को पहचानने का एक तरीका यह भी है। किसी भी मेल में आए लिंक को खोलने से पहले उस पर माउस लें जाएं। अब आपको पॉपअप के रूप में असली यूआरएल और हाइपरलिंक दिखाई देने लगेगा।

निजी जानकारी ना करें एंटर

हैकर्स कई बार आपको अपना शिकार बनाने के लिए ई-मेल में आपकी पर्सनल जानकारी मांगते हैं। तो ऐसे में भूलकर भी अपना नाम, पासवर्ड और डेबिट या क्रेडिट कार्ड नंबर की जानकारी साझा ना करें।

दिए गए अटैचमेंट पर ना करें टैप

ज्यादातर हैकर्स लोगों को शिकार बनाने के लिए फर्जी मेल में अटैचमेंट या लिंक देते हैं। इस स्थिति में सबसे पहले ई-मेल की जांच कर बाद में ही अटैचमेंट को इंस्टॉल करें। यदि आपको मेल फेक लगता है, तो तुरंत इसको डिलीट करें।

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